माह-ए-मोहर्रम की आमद पर मातमी जुलूस निकाला गया !
[ सिटिज़न सारांश ] माह - ए - मोहर्रम के चांद के दीदार के साथ ही अंजुमन-ए-ख़ादिमुल मासूमीन की ओर से मस्जिद-ए-मासूमीन, जानी अमानी (बुढ्ढी लेन) से परंपरागत मातमी जुलूस निकाला गया। मग़रिब की नमाज़ के बाद आयोजित मजलिस में ज़ाकिरे अहले-बैत जनाब मिर्ज़ा आबेद अली बेग ने वाक़या-ए-कर्बला की पृष्ठभूमि और हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानियों पर प्रकाश डाला।
इसके बाद अलम मुबारक की साया-दारी में निकले जुलूस में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने “या हुसैन” की सदाओं और नोहाख़ानी के साथ शिरकत की। जुलूस जुनाबाज़ार, सिटी चौक, गुलमंडी और बाराभाई ताज़िया से होता हुआ दीवान देवड़ी स्थित आशूरख़ाना सालारजंग पहुंचा, जहां मजलिस-ए-हुसैन के बाद इसका समापन हुआ।
अंजुमन के अध्यक्ष एजाज़ ज़ैदी और सचिव परवेज़ जाफ़री ने बताया कि कर्बला के शहीदों की याद में कल से शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और आशूरख़ानों में सुबह 7 बजे से मजलिसों और मातम का सिलसिला शुरू होगा, जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए उलमा वाक़या-ए-कर्बला बयान करेंगे।
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