नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच तेज; राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क

May 13, 2026 - 00:11
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नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच तेज; राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क

[ सिटिज़न सारांश ] — देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाने वाली नीट यूजी 2026 को आखिरकार केंद्र सरकार ने रद्द कर दिया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को आयोजित इस परीक्षा पर पेपर लीक और संगठित गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। अब मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है, जबकि राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान दल (SOG) भी लगातार कार्रवाई कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे “गेस पेपर” मिले हैं जिनके 100 से अधिक प्रश्न वास्तविक नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह मामला केवल राजस्थान तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके तार उत्तराखंड और महाराष्ट्र तक जुड़ने की आशंका जताई जा रही है। 

राजस्थान के सीकर और चुरू जिलों में एसओजी ने कई कोचिंग संस्थानों पर छापेमारी की है। अब तक कम से कम 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कुछ कोचिंग संचालक, बिचौलिए और परीक्षा माफिया से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ पूर्व अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। 

जांच एजेंसियों का दावा है कि परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नपत्र या उससे जुड़े महत्वपूर्ण सवाल चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाए गए थे। इसके बदले लाखों रुपये वसूले जाने की भी आशंका है। डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड और संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र आखिर किस स्तर से लीक हुआ और इसमें किन-किन लोगों की मिलीभगत थी। 

पुलिस ने नासिक से शुभम खैरनार (उम्र 30 वर्ष) नामक एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लिया है।

पुलिस के अनुसार, नीट परीक्षा का पेपर नासिक से एक टेलीग्राम ग्रुप पर फॉरवर्ड किया गया था।

नीट परीक्षा रद्द होने से देशभर के लगभग 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। दिल्ली समेत कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन कर एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। 

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से जमा परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा तथा नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। पुनर्परीक्षा के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे, जबकि अधिकांश परीक्षा केंद्र पुराने ही रहने की संभावना है। 

सरकारी सूत्रों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने और विद्यार्थियों का विश्वास पुनः स्थापित करने के लिए ही यह कठोर निर्णय लिया गया है। फिलहाल पूरे देश की नजर अब सीबीआई जांच और नीट यूजी 2026 की नई परीक्षा तिथियों पर टिकी हुई है। 

 

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