जालना में 25 करोड़ के अतिवृष्टि अनुदान घोटाले का भंडाफोड़ 31 आरोपी गिरफ्तार
( जालना सिटिज़नसारांश ) : अतिवृष्टि राहत अनुदान घोटाले ने महाराष्ट्र के जालना जिले को झकझोर दिया है, जहां सरकारी खजाने से लाखों रुपये का व्यापक अनुदान हेराफेरी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि 24.90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गैरकानूनी रूप से भुगतान किया गया था, जिसमें सरकारी कर्मचारियों ने ‘किसान’ के नाम पर फर्जी लाभार्थी दाख़िल कर राहत राशि हड़पी थी।
पुलिस और प्रारंभिक जांच रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला अंबड और घनसावंगी तालुका क्षेत्र के लगभग 240 गांवों में पाया गया, जहां अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए राहत के नाम पर रकम बांटी जाती !
हाल की कार्रवाइयों में लगभग 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तलाठी और राजस्व विभाग के अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। जांच में यह पता चला है कि कुछ कर्मचारियों ने घोटाले में लाभ पाने के लिए खुद को ‘किसान’ के रूप में दिखाया और सरकारी राहत राशि हड़प ली।
घोटाले की जांच कर रही पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि इस अनुदान वितरण में दस्तावेज़ों में गड़बड़ी, फर्जी नामों का उपयोग और दोहरी भुगतान जैसे गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
जांच के तहत अब तक दर्ज मामलों में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों की जमानत याचिकाएँ कोर्ट द्वारा नकार दी गईं, और मामला गहन जांच के लिए आगे बढ़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों ने कहा है कि इस घोटाले की पूर्ण राशि की वापसी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों को सही राहत राशि मिल सके।
इस प्रकार का भ्रष्टाचार न सिर्फ सरकारी नीतियों और खातों को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद किसानों के भरोसे को भी चोट पहुँचाता है, जो पहले से ही प्राकृतिक आपदा के बाद मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं।
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