महायुती मे बग़ावत...? सत्तार के तिखे तेवर...!
[ सिटिज़नसारांश ] : विधान परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में छत्रपति संभाजीनगर की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। महायुति में यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हिस्से में मानी जा रही थी, लेकिन इसी बीच शिवसेना शिंदे के क़द्दवर नेता पुर्व मंत्री तथा विधायक अब्दुल सत्तार के पुत्र समीर सतार द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने से राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
नामांकन दाखिल होने के बाद राज्य के वरिष्ठ नेता अब्दुल सतार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और पार्टी के नेताओं को एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है।
अब्दुल सतार ने कहा कि महायुति के भीतर समन्वय और आपसी विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या विधान परिषद चुनाव के बहाने महायुति के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।
वहीं, समीर सतार के नामांकन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस सीट को लेकर समीकरण और अधिक स्पष्ट हो सकते हैं।
फिलहाल भाजपा की ओर से अब्दुल सतार के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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