आशूरा जुलूस में कथित ज़हरीले कैप्सूल बांटने की साज़िश : X मुस्लिम शिया है मुख्य आरोपी प्रेमजी!

Jun 29, 2026 - 15:39
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आशूरा जुलूस में कथित ज़हरीले कैप्सूल बांटने की साज़िश :  X  मुस्लिम शिया है मुख्य आरोपी प्रेमजी!

  [ सिटिज़न सारांश ] मुंबई में मोहर्रम की 10वीं तारीख़ को निकाले गए आशूरा मातमी जुलूस के दौरान कथित रूप से ज़हरीले कैप्सूल बांटकर बड़ी जनहानि की साज़िश रचे जाने के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने 39 वर्षीय फ़ैय्याज़ निसार हुसैन प्रेमजी को गिरफ्तार किया है। फ़ैय्याज़ हुसैन प्रेमजी पुने के विमान नगर का निवासी है और ख़ास बात ये है कि वो शिया कम्युनिटी से हि ताल्लुक रखता था लेकिन कुछ साल पहेले उसने सोशल मिडीया पर अपने आपको शीया मुसलमान समुदाय से अलग होने का दावा किया था!ऐसा उसके जान ने वालो और समाज की ओर से जारी प्रेस विज्ञाप्ती मे कहा गया है! पुलिस का दावा है कि आरोपी ने लोगों को स्वास्थ्यवर्धक और दर्द से राहत देने वाली दवा बताकर कैप्सूल वितरित किए थे।

मातमी जुलूस मे मौजुद ऑल इंडिया तहाफ़्फुज़े हुसैनियत की महिला वालेंटियर को उस पर शक हुआ उन्होने उस से पूछताछ की और पुलिस को सुचना दी! इन महिला वालेंटियर की सुझबुझ के चलते एक बडा हादसा होने से टल गया!

प्रारंभिक जांच के अनुसार, कुछ लोगों ने कैप्सूल खाने के बाद पेट दर्द, सिरदर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें कीं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आए और मामले की जांच शुरू की गई। समय रहते कार्रवाई होने से किसी बड़े हादसे को टालने का दावा किया जा रहा है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद कैप्सूलों में कथित रूप से ज़िंक फॉस्फाइड नामक अत्यंत विषैला रसायन पाया गया, जिसका उपयोग सामान्यतः चूहे मारने की दवा के रूप में किया जाता है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से लगभग 14,900 कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं। इन कैप्सूलों और अन्य नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है।

आरोपी फ़ैय्याज़ निसार हुसैन प्रेमजी के बारे में पुलिस ने बताया कि वह पूर्व में विदेशों, विशेषकर ईरान और इराक, में भी काम कर चुका है।

पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उसने इतनी बड़ी मात्रा में कैप्सूल और कथित विषैला रसायन कैसे प्राप्त किया, क्या इस साज़िश में कोई अन्य व्यक्ति या संगठन शामिल था, तथा इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। पुलिस उसके वित्तीय लेन-देन, ऑनलाइन खरीदारी और अन्य संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है।

इस मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और वैज्ञानिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। 

 

 

 

 

 

 

 

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