महानगरपालिका चुनाव 2026: शांतिपूर्ण मतदान, नतीजों से पहले सियासी तस्वीर अब भी धुंधली

Jan 16, 2026 - 02:54
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महानगरपालिका चुनाव 2026: शांतिपूर्ण मतदान, नतीजों से पहले सियासी तस्वीर अब भी धुंधली

महानगरपालिका चुनाव 2026 के लिए आज हुआ मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। लंबे इंतज़ार के बाद आए इस लोकतांत्रिक पर्व को शहरवासियों ने उत्साह और जिम्मेदारी के साथ मनाया। आम नागरिकों से लेकर चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों तक, सभी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

शहर में कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। मतदान प्रतिशत को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, ऐसे में यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि महानगरपालिका की सत्ता की बागडोर आखिर किस राजनीतिक दल के हाथ लगेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी एक बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है, लेकिन अकेले दम पर महापौर बनाने की स्थिति में दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में भाजपा को अपने सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। वहीं राज्य में भाजपा की सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को अपने ही गठबंधन से नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

AIMIM को लेकर भी जानकारों का कहना है कि पार्टी को अंदरूनी खींचतान का सीमित नुकसान उठाना पड़ सकता है। लगभग यही स्थिति अन्य राजनीतिक दलों की भी बताई जा रही है। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट में खैरे और दानवे के बीच चल रही आपसी खींचतान मतदान के दिन तक सामने आती रही। आज मीडिया से बातचीत में चंद्रकांत खैरे द्वारा चुनाव के बाद दानवे को “ठीक करने” की बात कहे जाने से पार्टी के भीतर के मतभेद और स्पष्ट हो गए हैं।

अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस के लिए नगरसभा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना भी आसान नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस को इसके लिए कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ सकती है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट और शरद पवार गुट की स्थिति को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नेतृत्व की कमजोर प्रभावशीलता दोनों गुटों के लिए चुनौती बन सकती है।

हालांकि, मीडिया द्वारा यह स्पष्ट किया जा रहा है कि मतदान के बाद सामने आए शुरुआती रुझानों के आधार पर किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुँचना अभी संभव नहीं है। ये सभी बातें फिलहाल राजनीतिक विश्लेषकों के अनुमान और आकलन भर हैं।

मतदान के दौरान शहरभर में कड़ा पुलिस बंदोबस्त देखने को मिला। इस बीच कुछ स्थानों पर बोगस मतदाताओं को पकड़े जाने की घटनाएं भी सामने आईं। एक मतदान केंद्र पर प्रत्याशी की पत्नी के नाम पर बोगस मतदान किए जाने की एक दिलचस्प घटना भी चर्चा में रही।

कुल मिलाकर महानगरपालिका चुनाव 2026 का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है। अब सभी की निगाहें मतगणना और अंतिम नतीजों पर टिकी हुई हैं।

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