वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल कय्यूम का निधन, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर
वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल कय्यूम अब्दुल रशीद (58) का रविवार सुबह घाटी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पत्रकारिता, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बुढ़ीलेन, जुना बाजार निवासी अब्दुल कय्यूम साप्ताहिक औरंगाबाद युवा के मुख्य संपादक थे। अपने लेखन के माध्यम से उन्होंने आम लोगों की समस्याओं और उनके अधिकारों को प्रमुखता से उठाया तथा जरूरतमंदों को न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए। पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी वे हमेशा सक्रिय रहे।
किसी भी व्यक्ति को परेशानी होने पर अब्दुल कय्यूम मदद के लिए तत्काल पहुंच जाते थे। समस्या का समाधान होने तक लगातार प्रयास करना उनकी कार्यशैली की विशेषता थी। कांग्रेस पार्टी में भी उन्होंने विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभाई और अपनी अलग पहचान बनाई।
वे पत्रकार संगठन वॉइस ऑफ मीडिया के साप्ताहिक विंग के प्रदेशाध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत थे। संगठन के माध्यम से छोटे और मध्यम समाचार पत्रों तथा पत्रकारों की समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाने और उनके समाधान के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे। पत्रकारों के हितों के लिए उनका संघर्ष अंतिम समय तक जारी रहा।
उनके निधन की खबर मिलते ही वॉइस ऑफ मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब्दुल कय्यूम का निधन पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है तथा ईश्वर उनके परिवार को इस कठिन समय में यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
निधन की खबर फैलते ही बुढ़ीलेन स्थित उनके निवास पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का पहुंचना शुरू हो गया। परिजनों के अनुसार, उनकी नमाज-ए-जनाज़ा बाद नमाज-ए-इशा जामा मस्जिद में अदा की जाएगी, जिसके बाद चितेखाना कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
उनके पश्चात मां, दो भाई, एक पुत्र, दो पुत्रियां तथा नाती-पोतों सहित भरा-पूरा परिवार है।
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