इरान मे अशांती के पिछे विदेशी शक्तियों का हाथ... आयतुल्लाह खामेनेई का कडा संदेश
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में जारी विरोध प्रदर्शनों और अशांति के लिए विदेशी ताक़तों को ज़िम्मेदार ठहराया है। सरकारी टीवी पर दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के पीछे “आतंकवादी कार्रवाइयाँ” और बाहरी हस्तक्षेप शामिल है। खामेनेई ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों और विदेशियों के लिए “किराए के सैनिक” बनकर काम करने वालों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खामेनेई ने आरोप लगाया कि इन विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका का समर्थन हासिल है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरानियों के “खून से उनके हाथ सने हुए हैं।”
28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद से ईरान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में सुरक्षा बल स्थिति पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों में जान-माल के नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते हुए संयम बरतने और जनता की “वास्तविक शिकायतों” को सुनने की बात कही है। हालांकि सत्ता प्रतिष्ठान से जुड़े अन्य नेताओं का कहना है कि विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों को देखते हुए किसी तरह की ढील नहीं दी जा सकती।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संकट पर प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी दोहराते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुमति नहीं देगा और ऐसा करने पर तेहरान को “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी।
ईरान में हालात पर पूरी दुनिया की नज़र बनी हुई है, जबकि देश के भीतर सत्ता और जनता के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा
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