ICE एक्शन पर घिरी ट्रंप सरकार: अमेरिकी नागरिक की मौत के बाद रिपब्लिकन भी जांच की मांग पर उतरे
अमेरिकन राष्ट्रपती डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन पाॅलिसी अब उनके लिए ख़ासी सरदर्द बनती नज़र आ रही है! ह्युमन राईट्स पर दुनिया को ज्ञान देने वाला अमेरिका ही अब इसमे फ़ंसता नजर आ रहा है!
अल- जज़ीरा वेबसाइट की ख़बर मे कहा गया है!मिनियामो पोलिस, संयुक्त राज्य अमेरिका से फेडरल इमिग्रेशन एजेंटों (ICE / बॉर्डर पेट्रोल) ने 24 जनवरी 2026 को एक 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक एलेक्स जेफ्री प्रेट्टी को गोली से मार डाला, जिससे हंगामा फैल गया है और लोग सड़कों पर विरोध कर रहे हैं। ज्ञात रहे कि, इससे पहेले एक और नागरिक रेनी निकोल गुड को भी ICE एजेंट ने गोली मारी थी!
एलेक्स प्रेट्टी एक आईसीयू (ICU) नर्स और अमेरिकी नागरिक थे, जिनकी फिलहाल कोई गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं बताई जाती। कई रिपोर्टों और वायरल वीडियो के अनुसार, वह विरोध के दौरान अपने मोबाइल फोन से अधिकारियों को रिकॉर्ड कर रहे थे और दूसरे लोगों की मदद कर रहे थे जब घटनाक्रम ने हिंसक रूप लिया।
फेडरल एजेंटों का दावा है कि प्रेट्टी ने खुद को हथियार (पिस्टल) से लैस किया और एजेंटों को हथियार डालने की चेतावनी दी! इसलिए गोली चलाना पडी!
लेकिन स्थानीय लोगों और परिवार का कहना है कि वीडियो में वह अपने हाथों में सिर्फ फोन पकड़े दिखते हैं और पहले ज़मीन पर गिराए गए थे, फिर गोलीबारी हुई।
रिपब्लिकन सिनेटर बिल कैसी की मांग
लुइज़ियाना के रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसी ने इस घटना को “बेहद परेशान करने वाला” बताया और कहा कि हॉमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और ICE की साख पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि फुल संयुक्त संघीय और राज्य जांच होनी चाहिए ताकि सच जनता तक पहुंचे।
उनकी बात यह दर्शाती है कि कुछ रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने भी अमेरिका सरकार की ओर से दिए जा रहे विवरण से अलग रुख अपनाया है।
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