मा. उच्च न्यायालय में जरांगे पाटील की बड़ी जीत 2 सितंबर के जी.आर. पर आया महत्वपूर्ण फैसला — मराठा आरक्षण रहेगा कायम, सभी याचिकाएँ हुईं ख़ारिज
मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद पर आज मुंबई उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने 2 सितंबर 2024 को राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए शासन निर्णय (जी.आर.) को लेकर दाखिल सभी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही मराठा समाज को दिया गया आरक्षण बरकरार रहेगा।
उच्च न्यायालय के इस निर्णय को मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मा. मनोज जरांगे पाटील की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का 2 सितंबर का जी.आर. संवैधानिक दायरे में है और उसमें किसी प्रकार की असंवैधानिकता नहीं है।
जरांगे पाटील ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह न्याय और समानता की जीत है तथा मराठा समाज के हक़ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
इस निर्णय से अब मराठा समाज को जारी आरक्षण में कोई परिवर्तन नहीं होगा और शासन का निर्णय यथावत लागू रहेगा।
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