इरान में वीज़ा‑फ्री यात्रा समाप्त, मशहद‑क़ुम जाने वाले ज़ायरीन की योजना प्रभावित
( सिटिज़न सारांश ) इरान सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा‑फ्री प्रवेश की सुविधा समाप्त कर दी है। यह बदलाव 22 नवंबर 2025 से लागू हो गया है। अब मशहद और क़ुम जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा करने वाले ज़ायरीन को पहले से इरानी वीज़ा लेना अनिवार्य होगा।
भारतीय तीर्थयात्रियों में इस फैसले को लेकर चिंता और उलझन देखी जा रही है। शिया ज़ायरीन बडी संख्या मे इरान जाते है!ऐसे ही कुछ ज़ायरीन जो अपने परिवार के साथ दिसंबर में मशहद जाने वाले हैं, कहते हैं, “हमने यात्रा की योजना पहले ही बना ली थी, लेकिन अब वीज़ा प्रक्रिया और समय देखकर थोड़ी चिंता हो रही है। हमारी तैयारी प्रभावित हो सकती है।”
इरानी अधिकारियों ने बताया कि वीज़ा‑फ्री सुविधा का दुरुपयोग और कुछ झूठे नौकरी के वादों के मामले सामने आए थे, जिनमें यात्रियों के अपहरण तक की घटनाएँ हुईं। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी चेतावनी जारी की है कि झूठे एजेंटों के झांसे में न आएँ और केवल विश्वसनीय एजेंसियों या इरानी दूतावास के माध्यम से ही वीज़ा आवेदन करें।
मशद, क़ुम यात्रा पर जा रहे ऐक अन्य ज़ायरीन ने कहा “अब यात्रा की योजना और खर्च दोनों बढ़ेंगे। हमें उम्मीद थी कि वीज़ा‑फ्री सुविधा से तीर्थयात्रा आसान होगी, लेकिन अब सब कुछ पहले से व्यवस्थित करना होगा।” विशेषज्ञों का कहना है कि नई नीति सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में जरूरी कदम है, लेकिन इससे तीर्थयात्रियों की संख्या और यात्रा की सहजता पर असर पड़ सकता है।
वीज़ा प्रक्रिया अब कम से कम 4–6 सप्ताह पहले पूरी करनी होगी। यात्रियों को पासपोर्ट, यात्रा कार्यक्रम, होटल बुकिंग और मेडिकल इंश्योरेंस तैयार रखना होगा। ट्रांज़िट यात्रा के लिए भी वीज़ा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
नई वीज़ा नीति ज़ायरीन के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसे सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। सही योजना और सावधानी से यह यात्रा अब भी सुरक्षित बनी रहेगी।
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