खडकेश्वर मंदिर में नव वर्ष दर्शन के दौरान खैरे का सियासी संदेश, फडणवीस को दिया ‘मित्रता निभाने’ का सुझाव
शिवसेना उपनेता एवं पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे ने नव वर्ष की सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए गए अपने बयान से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। ग्रामदैवत खडकेश्वर मंदिर में नव वर्ष के अवसर पर दर्शन के लिए पहुंचे खैरे ने मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, “देवेंद्र भाऊ, जिन सच्चे मित्रों को आपने दूर किया है, उन्हें फिर से क़रीब कीजिए।” उनके इस बयान को राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
खैरे ने स्पष्ट किया कि उनके कथन को किसी अन्य अर्थ में न लिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीति में संवाद और रिश्तों का स्तर गिरता जा रहा है, और उनका आशय केवल राजनीति में सौहार्द तथा मूल्यों की पुनर्स्थापना से है। “क़रीब करने का मतलब वैसा नहीं है जैसा समझा जा रहा है,” यह कहते हुए उन्होंने अपने बयान की सफाई भी दी।
नगरपालिका चुनाव को लेकर पूछे गए सवालों पर खैरे ने कई मुद्दों पर खुलकर राय रखी। उन्होंने भाजपा में जारी अंदरूनी नाराज़गी, शिवसेना उद्धव गुट में टिकट वितरण को लेकर असंतोष तथा पूर्व महापौर रशीद मामु को टिकट देने के विरोध जैसे विषयों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। खैरे ने कहा कि चुनावी राजनीति में कार्यकर्ताओं की नाराज़गी को गंभीरता से लेना चाहिए, साथ ही गलत निर्णयों का विरोध भी आवश्यक है।
नव वर्ष के पहले ही दिन आए खैरे के इस बयान से आगामी नगरपालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में सियासी सरगर्मी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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